क्या Credit Card के साथ Insurance भी मिलता है? पहले इसे ठीक से समझ लें, कहीं फायदे के चक्कर में नुकसान ना हो जाए

क्या Credit Card धारक की मौत के बाद परिवार को 20 लाख रुपये का बीमा मिल सकता है? जानिए 60 दिनों के एक्टिव कार्ड नियम, एसबीआई कार्ड और आईसीआईसीआई बैंक की शर्तें और क्लेम की समयसीमा का पूरा सच.

क्या क्रेडिट कार्ड धारक की मौत के बाद परिवार को 20 लाख रुपये का बीमा मिल सकता है?

क्या क्रेडिट कार्ड धारक की मौत के बाद परिवार को 20 लाख रुपये का बीमा मिल सकता है?

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल खरीदारी, बिल भुगतान और ऑनलाइन शॉपिंग के लिए तो खूब होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कुछ क्रेडिट कार्ड के साथ बीमा (Insurance) की सुविधा भी मिलती है. ऐसे में अगर कार्डधारक की मौत हो जाए, तो क्या उसके परिवार को लाखों रुपये मिल सकते हैं? क्या बैंक का बकाया बिल बीमा कंपनी चुकाएगी? इसका जवाब कार्ड के प्रकार और बीमा पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी क्रेडिट कार्ड पर बीमा देना अनिवार्य नहीं किया है. हालांकि, अगर बैंक या कार्ड नेटवर्क बीमा की सुविधा देता है, तो ग्राहक को इससे जुड़ी जानकारी, बीमा कंपनी का विवरण और नामांकन संबंधी जानकारी उपलब्ध करानी होती है.

क्रेडिट कार्ड के साथ किस तरह का बीमा मिलता है?

क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला बीमा हमेशा सामान्य जीवन बीमा नहीं होता. कुछ कार्ड पर दुर्घटना में मौत होने पर बीमा मिलता है, जबकि कुछ योजनाओं में कार्ड के बकाया भुगतान की सुरक्षा का विकल्प हो सकता है. इसके अलावा, कुछ कार्ड पर यात्रा बीमा भी मिलता है.

उदाहरण के लिए, एसबीआई कार्ड की एक्सीडेंट शील्ड योजना में दुर्घटना के कारण मौत और स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए बीमा कवर उपलब्ध है. कंपनी की वेबसाइट पर इस योजना के तहत ₹20 लाख तक के कवर का विकल्प बताया गया है. हालांकि, यह एक अलग बीमा योजना है, इसके लिए प्रीमियम और अन्य शर्तें लागू होती हैं.

कार्डधारक की मौत के बाद कितना पैसा मिल सकता है?

बीमा की रकम इस बात पर निर्भर करती है कि कार्ड के साथ कौन-सी पॉलिसी जुड़ी है. अगर किसी व्यक्ति के पास केवल दुर्घटना बीमा है, तो बीमारी या प्राकृतिक कारणों से हुई मौत पर दावा स्वीकार नहीं होता है. एसबीआई कार्ड की व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा संबंधी जानकारी में भी साफ किया गया है कि हार्ट अटैक जैसी गैर-दुर्घटनाजन्य मृत्यु इस पॉलिसी के तहत कवर नहीं होती.

वहीं, अगर कार्ड के साथ ऐसी पॉलिसी है जो मौत की स्थिति में क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाने के लिए बनाई गई है, तो बीमा कंपनी पॉलिसी की शर्तों के अनुसार भुगतान कर सकती है. लेकिन इसे सभी कार्डों पर मिलने वाला फायदा नहीं समझना चाहिए. ग्राहक को अपने कार्ड के साथ जुड़ी वास्तविक पॉलिसी की जांच करनी होगी.

कार्डधारक की मौत होने पर परिवार क्या करे?

अगर क्रेडिट कार्ड धारक की मौत हो जाती है, तो परिवार को सबसे पहले बैंक से संपर्क करके कार्ड के साथ उपलब्ध बीमा की जानकारी लेनी चाहिए. इसके बाद संबंधित बीमा कंपनी से पूछना चाहिए कि कौन-सा कवर सक्रिय था और दावा करने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी.

आमतौर पर मृत्यु प्रमाणपत्र, कार्ड की जानकारी, बकाया बिल, पहचान संबंधी दस्तावेज और पॉलिसी से जुड़े कागजात मांगे जा सकते हैं. दुर्घटना बीमा के मामले में दुर्घटना से संबंधित दस्तावेज भी जरूरी हो सकते हैं. सभी दस्तावेज जमा करने के बाद बीमा कंपनी पॉलिसी की शर्तों के अनुसार दावे की जांच करेगी.

क्या क्रेडिट कार्ड का कर्ज परिवार को चुकाना होगा?

कार्डधारक की मौत होने से क्रेडिट कार्ड का बकाया अपने आप खत्म नहीं हो जाता. अगर बीमा पॉलिसी बकाया राशि को कवर करती है, तो उसकी शर्तों के अनुसार भुगतान हो सकता है. अन्य मामलों में मृत व्यक्ति की छोड़ी गई संपत्ति और लागू कानून के अनुसार बैंक वसूली कर सकता है. केवल परिवार का सदस्य होने से किसी व्यक्ति पर अपने निजी पैसे से कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी नहीं आती. संयुक्त कर्ज या गारंटी की स्थिति अलग हो सकती है.

क्रेडिट कार्ड लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

क्रेडिट कार्ड के साथ बीमा मिलने पर यह जरूर चेक करें कि वह सामान्य मृत्यु को कवर करता है या केवल दुर्घटना को. बीमा की अधिकतम रकम, प्रीमियम, नामांकन, कार्ड इस्तेमाल करने की शर्तें और दावा दाखिल करने की समयसीमा को समझें. बैंक से बीमा कंपनी का नाम और संपर्क करने की जानकारी भी लें.

याद रखें, क्रेडिट कार्ड के साथ मिलने वाला बीमा जीवन बीमा का विकल्प नहीं है. यह सीमित परिस्थितियों में आर्थिक मदद दे सकता है. इसलिए परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए अलग जीवन बीमा की जरूरत का आकलन करना भी जरूरी है.

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