SIP या मजबूत फंड मैनेजर:
SIP या मजबूत फंड मैनेजर: रिपोर्ट में 2007, 2010 और 2017 के मार्केट साईकिल का भी जिक्र किया गया है। इन दौरों में मिड और स्मॉल कैप शेयरों के मजबूत परफॉरमेंस के बाद इनमें गिरावट देखने को मिली थी।

हाइलाइट्स
- मिड और स्मॉल कैप शेयरों ने लार्ज कैप के मुकाबले काफी अच्छा परफॉर्म किया है और इनकी कीमतें पहले काफी बढ़ चुकी हैं।
- 2007, 2010 और 2017 के मार्केट साईकिल में भी मिड और स्मॉल कैप शेयरों में तेजी के बाद गिरावट देखने को मिली थी।
- फिलहाल शानदार वैल्यूशन वाले शेयर लार्ज कैप यानी बड़ी कंपनियों में ज्यादा मिल सकते हैं मतलब लार्ज कैप में अभी भी बेहतर मौके है।
SIP or Strong Fund Manager: क्या आप भी मिड कैप या स्मॉल कैप फंड्स में पैसा लगाने की प्लानिंग बना रहे हैं? बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई निवेशकों के मन में ये सवाल है अभी SIP करें या सही फंड मैनेजर को देखें। डीएसपी म्यूचुअल फंड की ताजा नेत्रा रिपोर्ट ने इस पर साफ जवाब दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मॉल और मिड कंपनियों के शेयरों में निवेश करना है तो या रेगुलर SIP करें या फिर ऐसे फंड मैनेजर को चुनें जिन्होंने पिछले बीस साल के पूरे मार्केट साइकिल को देखे हों।
मिड और स्मॉल कैप में क्यों है इतना रिस्क?
मिड कैप और स्मॉल कैप शेयर तेजी के दौर में अक्सर बड़ी कंपनियों के शेयरों से बेहतर परफॉर्म करते हैं। लेकिन बाजार में गिरावट आने पर इनमें नुकसान भी ज्यादा हो सकता है। DSP की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मॉल कैप और सेंसेक्स का रेश्यो अपने ऐतिहासिक औसत से करीब 72% ऊपर है। वहीं, मिड कैप और सेंसेक्स का रेश्यो करीब 56% ऊपर है। इसका मतलब है कि मिड और स्मॉल कैप शेयरों ने लार्ज कैप के मुकाबले काफी अच्छा परफॉर्म किया है। ऐसे में इनकी कीमतों में पहले से ही काफी तेजी दिखा चुकी हैं। रिपोर्ट में 2007, 2010 और 2017 के मार्केट सायकल का भी जिक्र किया गया है। इन दौरों में मिड और स्मॉल कैप शेयरों के मजबूत परफॉरमेंस के बाद इनमें गिरावट देखने को मिली थी। इसलिए निवेशकों को केवल पुराने रिटर्न देखकर यह नहीं मानना चाहिए कि आगे भी यही शेयर सबसे ज्यादा मुनाफा देंगे।
लार्ज कैप में अभी भी बेहतर मौके
डीएसपी म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल शानदार वैल्यूशन वाले शेयर लार्ज कैप यानी बड़ी कंपनियों में ज्यादा मिल सकते हैं। ऐसे में निवेशकों को केवल मिड और स्मॉल कैप के पिछले रिटर्न देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। DSP म्यूचुअल फंड की NETRA रिपोर्ट 5 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। इसमें बताया गया है कि बाजार में निवेश करते समय धैर्य रखना जरूरी है। कई बार बाजार लंबे समय तक कमजोर रहता है, लेकिन कुछ समय बाद इसमें बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद होती है।
मिड या स्मॉल कैप में पैसा लगाने के दो रास्ते
DSP म्यूचुअल फंड की नेत्रा रिपोर्ट कहती है कि मिड-स्मॉल में एक्स्ट्रा कमाई के चक्कर में हालिया परफॉरमेंस पर भरोसा करने के बजाय सेफ्टी मार्जिन पर ध्यान दें। अभी इनमें अग्रेसिव इन्वेस्टमेंट का समय नहीं है। इससे बेहतर है कि लार्ज कैप पर ज्यादा फोकस करें। अगर फिर भी मिड या स्मॉल कैप में पैसा लगाना है तो दो साफ रास्ते हैं। पहला, रेगुलर एसआईपी। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव में एवरेजिंग कॉस्ट का फायदा मिलता है और लम्प-सम का रिस्क कम होता है। दूसरा, अनुभवी फंड मैनेजर। ऐसे मैनेजर चुनें जिन्होंने 2008, 2013, 2018 और 2020 जैसे सभी मार्केट साईकिल देखे हों। ऐसे फंड मैनेजर भी इस सेगमेंट की ऊंची उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।
लार्ज कैप शेयरों में क्यों दिख रहे बेहतर मौके?
DSP की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल कई बड़ी कंपनियों के शेयरों का वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर आ गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि लार्ज कैप शेयरों का पांच साल का रोलिंग CAGR अपने हिस्टॉरिकल लो लेवल के करीब है। रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 के अंत तक निफ्टी का P/E रेशियो 19 गुना से नीचे था, जबकि प्राइस-टू-बुक रेशियो करीब 2.8 गुना था।
आसान भाषा में समझें तो P/E रेशियो से पता चलता है कि निवेशक कंपनी की एक रुपये की कमाई के लिए शेयर की कितनी कीमत चुका रहे हैं। वहीं, प्राइस-टू-बुक रेशियो शेयर की कीमत की तुलना कंपनी की बुक वैल्यू से करता है। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा लेवल्स पर लार्ज कैप में ऐसे शेयर मिलने की संभावना ज्यादा है, जिनकी कीमत कंपनी के कारोबार और कमाई के मुकाबले अट्रैक्टिव हो सकती है।









